Another death due to the lack of a road: A sick woman was carried in a *doli* (makeshift stretcher) for an hour and a half, and the family rushed from Gurugram to Delhi—but...?
अल्मोड़ा जिले के विकासखंड सल्ट के ग्रामसभा जाख में सड़क सुविधा की कमी एक बीमार महिला की जान पर भारी पड़ी। लंबे समय से बीमार चल रही ग्राम सभा के पणचूरा तोक निवासी 32 वर्षीय गीता देवी की तबीयत बिगड़ने पर उसे अस्पताल पहुंचाने के लिए ग्रामीणों को करीब तीन किलोमीटर तक डोली के सहारे खड़ी चढ़ाई पार कर सड़क तक लाना पड़ा। समय पर उपचार न मिलने के कारण सफदरजंग अस्पताल में उसकी मौत हो गई।
जानकारी के अनुसार ग्रामसभा जाख के पणचूरा तोक निवासी गीता देवी पत्नी शंकर सिंह लंबे समय से बीमार चल रही थी। उनकी तबीयत कुछ दिन पहले अचानक ज्यादा खराब हो गई, लेकिन गांव तक सड़क न होने और लोगों की कमी के कारण उन्हें समय रहते अस्पताल के लिए नहीं ले जाया जा सका।
आखिरकार शनिवार को ग्रामीण बड़ी मुश्किल से इकट्ठा हुए और उन्हें भारी बारिश के बीच भीगते-भीगते डोली के सहारे करीब तीन किलोमीटर की खड़ी चढ़ाई पार कर डेढ़ घंटे में सड़क तक पहुंचाया। सड़क पर पहुंचने के बाद गीता देवी को निजी वाहन से पहले रामनगर और वहां से गुरुग्राम ले जाया गया। गुरुग्राम में गीता देवी के पति शंकर सिंह नौकरी करते हैं। इसके बाद उन्हें दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन देर रात करीब एक बजे उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।