खेत में काम कर रही मां से मिलने पहुंचा DSP बेटा, बेटे को वर्दी में देख भावुक हुई मां

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DSP's son came to meet his mother working in the field, mother got emotional after seeing her son in uniform
DSP's son came to meet his mother working in the field, mother got emotional after seeing her son in uniform

‘असफलता एक चुनौती है, स्वीकार करो. क्या कमी रह गई, देखो और सुधार करो. जब तक न सफल हो, नींद चैन को त्यागो तुम, संघर्ष का मैदान छोड़ मत भागो तुम. कुछ किए बिना ही जय जयकार नहीं होती, कोशिश करने वालों की हार नहीं होती’. सोहन लाल द्विवेदी की ये मशहूर कविता तो आपने सुनी ही होगी. ये बात बिल्कुल सच है कि कोशिश करने वालों की हार नहीं होती, पर वो कोशिश जी-जान से होनी चाहिए, तभी सफलता मिलती है. आपने ऐसे कई लोगों की कहानी सुनी होगी कि उनका बचपन गरीबी में बीता, लेकिन अपनी मेहनत के दम पर उन्होंने जिंदगी में एक बड़ा मुकाम हासिल किया. आजकल ऐसे ही एक पुलिस अधिकारी का वीडियो वायरल हो रहा है, जो पहली बार वर्दी में अपनी मां से मिलने पहुंचा था

इस पुलिस अधिकारी का नाम संतोष पटेल है. वह मध्य प्रदेश के ग्वालियर में डीएसपी के पद पर कार्यरत हैं. उन्हें पुलिस विभाग ज्वाइन किए 5 साल हो चुका है और इन पांच सालों में वो पहली बार वर्दी पहन कर अपनी मां से मिलने अपने घर पहुंचे. वहां जाकर उन्हें पता चला कि मां तो खेत में हैं, तो वह सीधे उनसे मिलने खेत ही पहुंच गए. वहां उन्होंने देखा कि मां भैंस के चारे के लिए घास काट रही थीं. इस दौरान उन्होंने अपने देसी भाषा में मां से बातचीत की. कई सारी बातें पूछीं और मां ने भी कई सारी बातें बताईं. उनकी बातचीत दिल को छू लेने वाली है.

मां से अपनी बातचीत के वीडियो को डीएसपी संतोष पटेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर शेयर किया है और कैप्शन में लिखा है, ‘डीएसपी बने 5 साल हो गए और पहली बार अपनी मां के पास वर्दी में मिलने खेत पर पहुंचा’. साथ ही उन्होंने ये भी लिखा है कि ‘मां से मातृभूमि पर मातृभाषा में ममतामयी बातें’.

जानकारी के मुताबिक, संतोष पटेल का बचपन काफी कठिनाई भरा रहा है. पन्ना जिले के देवगांव के रहने वाले संतोष की शुरुआती पढ़ाई गांव के ही सरकारी स्कूल से हुई है. बाद में उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और फिर ये तय कर लिया कि उन्हें सिविल सर्विस में ही जाना है. उन्होंने लाल बत्ती वाली नौकरी की कसम खाई थी. आखिरकार मेहनत के दम पर साल 2018 में उनका चयन उप पुलिस अधीक्षक के पद पर हो गया. फिलहाल वह घाटीगांव एसडीपीओ के पद पर तैनात हैं.

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