
ऋषिकेश रेल हादसे में रेलवे विभाग की ओर आठ कर्मचारियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई। साथ ही लोको पायलट को हटाकर चंदौसी भेज दिया गया है। इसी महीने शेष कर्मचारियों पर भी कार्रवाई हो सकती है।18 मई को ऋषिकेश के खांड गांव के पास उज्जैनी एक्सप्रेस के तीन कोच और इंजन हादसे का शिकार हो गए थे। इस दौरान कोच बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए थे। हादसे के दौरान ट्रेन खाली थी। उसे शंटिंग के लिए खड़ा किया गया था। हादसे के बाद दिल्ली और मुरादाबाद मंडल के कई अधिकारी मौके पर पहुंचे थे।
मामले में ऑपरेटिंग, सीएनडब्ल्यू और लोको अनुभाग के आठ कर्मचारियों को आरोपी बनाया गया था। शुरुआती जांच के आधार पर लोको पायलट को हटा दिया गया है। उसे प्रशिक्षण के लिए भेज दिया गया है। साथ ही लोको पायलट और सात अन्य कर्मचारियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई है।आरोपी कर्मचारियों को एक महीने का समय देकर अपने बचाव में बयान दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार, जांच में यह भी बात सामने आई है कि हादसा लोको पायलट की गैरमौजूदगी में ट्रेन के चेन और गुटके हटाने की वजह से हुआ था।


